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Thursday, 3 August 2017

दरवाज़ा हँस कर ही खोलो

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✍ *घर के अंदर जी भर के रो लो* *पर दरवाज़ा हँस कर ही खोलो....!!*
*क्योंकि लोगों को यदि पता लग गया कि तुम अंदर से टूट चुके हो तो वो तुम्हें लूट लेंगे*
 *इंसान* कभी *गलत* नहीं होता, उसका *वक़्त* गलत होता है मगर लोग इंसान को *गलत* कहेते हे जैसे के..............
*पतंग* कभी नहीं *कटती, कटता* तो *धागा* हे फिर भी लोग कहेते हे *पतंग* कटी"..!
  
       *鹿鹿*
*जय श्रीराधेकृष्ण*

शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा कैसे करे

शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा कैसे करे

Shanivar Ke Din Shanidev Ki Puja Kaise Kare : शनिदेव न्याय के देवता के रूप में जाने जाते है शनिदेव मनुष्य के कर्मो का फल उनके कर्मो के अनुसार देते है शनिदेव का दिन शनिवार का होता है इसी दिन हमारे हिन्दू धर्म में इनकी पूजा की जाती है और शनिदेव के भक्त उनके लिए व्रत भी रखते है और उन्हें खुश रखने के लिए कई उपाय भी करैत यही इसीलिए हम आपको बताते है की आप शनिदेव को किस तरह से प्रसन्न कर सकते है इसके लिए आपको क्या-2 उपाय करने होंगे जिसकी मदद से आप शनिदेव को प्रासां कर सकते है जाने इसकी पूरी जानकरी हमारे माध्यम से | शनिदेव का गुस्सा बहुत तेज़ होता है इसीलिए जब आप इनकी आराधना श्रद्धा भाव से नहीं करते तो यह आपको दंड देते है लेकिन जब यह आपकी भक्ति और श्रद्धा से खुश होते तब आपको वरदान भी देते है |



शनि पूजा मंत्र

शनि की पूजा करते समय आप उनके इस मंत्र का जाप करते है तो शनिदेव को प्रसन्नता मिलती है जब आप पीपल की परिक्रमा करके शनिदेव का ध्यान कर रहे है तब आप उनके इस मंत्र का जाप करे :
आयु: प्रजां धनं धान्यं सौभाग्यं सर्वसम्पदम्।
देहि देव महावृक्ष त्वामहं शरणं गत:।।
विश्वाय विश्वेश्वराय विश्वसम्भवाय विश्वपतये गोविन्दाय नमो नम:।
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शनि पूजा मंत्र

शनिदेव की पूजा विधि

  1. सबसे पहले आप सुबह उठ कर नित्य काम करके स्नान करे |
  2. इस दिन शनिदेव की पूजा पुरे भक्ति भाव से करनी चाहिए और पूजा करते वक़्त अपने सभी पापो की क्षमा याचना मांगे |
  3. शनिदेव की पूजा के लिए आप उन पर काले तिल, सरसो का तेल, गुण व नीले रंग के लाजवंती पुष्प का उनके ऊपर अर्पण करे |
  4. शनिदेव महाराज की पूजा करने के पश्चात राहु और केट महराज की भी पूजा करनी चाहिए |
  5. अगर आप चाहते है तो इस दिन व्रत भी रख सकते है और व्रत शनिदेव को समर्पित करे |
  6. शनिदेव के नाम पर सरसो के तेल का दीपक भी जलाये |
  7. उसके बाद आप पीपल के पेड़ पर जल सींच कर उस पर सूत्र बांधे तथा पीपल के पेड़ की सात बार परिक्रमा भी लगाए |
  8. अगर आप शनिवार के दिन व्रत रख रहे है तो उस दिन आप काले रंग के कपडे पहन सकते है क्योकि शनिदेव को काला रंग अधिक पसंद होता है और वह इससे प्रसन्न रहते है |
  9. शनिवार के दिन काले कुत्ते को तेल की चुपड़ी हुई रोटी भी खिलाये तथा कौए को गुलाब जामुन भी खिलाये |
  10. शनिदेव दान करने के लिए हमेशा ही तत्पर रहते है इसीलिए वह अपने भक्तो के दान करने से उनसे प्रसन्न रहते है इसीलिए शनिवार के दिन आप दान करे |

शनि काले और सूर्य के शत्रु क्यों है

शनि देव का जन्म
Shanidev Kale Aur Surya Ke Shatru Kyo Hai : भगवान शनिदेव को कौन नहीं जानता है वह भगवान् सूर्य देव के पुत्र है और शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा की जाती है | शनिदेव को फल कर्म देवता के रूप में भी जाना जाता है वह मनुष्य के कर्मो का फल देते है अगर किसी व्यक्ति के कर्म अच्छे नहीं है तो वह उनको कर्मो का फल दंडस्वरूप देते है और अगर कर्मो से प्रासां हो जाते है तो वह वरदान भी देते है | शनिदेव एक महान शक्तिशाली देवता के रूप में हमारे बीच में है जिनके भक्त इनकी सेवा के प्रति सजग रहते है और इन्हे खुश रखने के लिए कई तरह के उपाय भी अपनाते है लेकिन क्या आप जानते है की शनिदेव का रंग काला क्यों है ? और वह क्यों अपने पिता सूर्य देव के शत्रु है इसके पीछे भी एक अभूत बड़ा किस्सा है जिसकी जानकारी हम आपको देते है जाने हमारे माध्यम से |

शनि देव का जन्म

Shani Dev Ka Janm : सूर्य देव की पत्नी का नाम संज्ञा था और वह भगवान् शिव की बहुत बड़ी भक्त थी वह पूरे भक्ति भाव से उनकी पूजा करती थी लेकिन सूर्य देव के साथ अधिक समय रहने के पश्चात जब उन पर सूर्यदेव का तेज़ सहन नहीं हुआ तब उन्होंने वहां से जाने का निर्णय लिया और वह अपनी परछाई छाया को सूर्यदेव के पास छोड़ कर चली गयी | सूर्यदेव को छाया के ऊपर बिलकुल भी संदेह नहीं हुआ की वह उनकी पत्नी नहीं है और वह अपना जीवन व्यतीत करने लगे तभी छाया गर्भवती हो गयी और शनिदेव उनके गर्भ में थे उसी समय वह भगवान् शिव के ध्यान में मग्न रहने की वजह से अपना बिलकुल भी ख़याल नहीं रख पाती थी और शनिदेव को पोषण ठीक प्रकार से नहीं मिल पाया जिसकी वजह से उनका रंग गर्भ में ही काला हो गया |
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ये है शनि और सूर्य के बैर की वजह | शनि और सूर्य की शत्रुता की कथा

जब शनिदेव का जन्म हुआ तब सूर्यदेव ने उन्हें अपनी गोद में लिए और देखा की यह इतना काला कैसे तब उन्होंने सारा इल्जाम अपनी पत्नी छाया पर लगा दिया मै भी गोरा और तुम भी गोरी तो इसका रंग कैसे काला हो गया यह मेरा बेटा नहीं हो सकता | इतना कह कर उन्होंने शनिदेव को त्याग दिया और जब शनिदेव ने यह अपनी माता का अपमान देख कर अपने पिता से शत्रु भाव रखने लग गए | उसके बाद उन्होंने भगवान् शिव की आराधना की और उन्हें प्रसन्न करके शक्तियां प्राप्त किया और न्यायप्रिय देवता के रुप में अपना स्थान प्राप्त किया।

कृष्ण जन्माष्टमी पर कैसे करें पूजन

कृष्ण जन्माष्टमी पर कैसे करें पूजन

Krishna Janmashtami Par Kaise Kare Pujan : श्री कृष्णा जन्माष्टमी का हिन्दू धर्म में बहुत महत्व होता है क्योकि इसी दिन भगवान श्री कृष्णा का जन्म हुआ था इसी दिन भगवान कृष्णा के सभी भक्त उनके लिए व्रत का प्रावधान करते है और पूरे 12 घंटे यानि रात को 12 बजे से अगले दिन रात के 12 बजे तक बिना खाये पिए रहते है | हिन्दू धर्म में यह व्रत सबसे लम्बा व्रत माना जाता है तो हम आपको इस व्रत के बारे में जानकारी देते है की आप किस तरह से इस व्रत को करते है और क्या करने से कृष्णा जी को खुश कर सकेंगे | श्री कृष्णा जी का जन्म धरती पर असुरो के राज़ को ख़त्म करने के उद्देश्य से देवताओ द्वारा किया गया था वह खुद भगवान श्री कृष्णा के रूप थे इसीलिए हमारे हिन्दू धर्म में उन्हें भगवान माना जाता है |
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कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव

Krishna Janmashtmi Mahotsav : भगवान श्री कृष्णा भगवान विष्णु के आंठवे अवतार है जिनकी उत्पत्ति भगवान विष्णु द्वारा देवकी के गर्भ से धरती में हो रहे राक्षसों और दानवो के अंत के लिए किया गया था उनका जन्म भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथी के दिन रोहिणी नक्षत्र में हुआ था यह उनका 5244 वां जन्मदिन है और इस साल यानि 2017 में यह दिन 14 और 15 अगस्त को मनाया जायेगा इस दिन दही हांड़ी, झांकी जैसे कार्यक्रमों का आयोजन भी कियस जाता है | इस दिन को गोकुल अष्टमी, श्री कृष्णा अष्टमी, श्रीकृष्ण जयंती के नामो से भी जाना जाता है |
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कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव

जन्माष्टमी व्रत विधि

Janmashtmi Vrat Vidhi : जन्माष्टमी के दिन श्रीकृष्ण जी की की पूजा के लिए आप हमारे द्वारा बताये गए तरीको को आसानी से आजमा सकते है और इस दिन पूरे भक्तिभाव से उपवास रख कर अपने जीवन को सुखमय बना सकते है :
  1. उपवास करने से एक दिन पहले आप रात्रि को हल्का भोजन करे तथा रात्रि 12 बजे के बाद कुछ ना खाये |
  2. अगले दिन यानि उपवास वाले दिन आप व्रत रखने का प्रण ले तथा स्नान इत्यादि करके रोज़ के कामो से निवृत्त हो जाए |
  3. पश्चात सूर्य, सोम, यम, काल, संधि, भूत, पवन, दिक्‌पति, भूमि, आकाश, खेचर, अमर और ब्रह्मादि को नमस्कार कर पूर्व या उत्तर मुख बैठें।
  4. घर में श्री कृष्णा के बाल चरित्र के प्रति उनके लिए जन्माष्टमी सजाये उसमे आप अनेक प्रकार के खिलौने को सजाये | और उसी जगह पर भगवान कृष्णा के बाल चरित्र की मूर्ति या फोटो के साथ स्तनपान कराती हुई देवकी जी का भी रखे |
  5. जहाँ आप जन्माष्टमी सजाये उस स्थान पर कृष्णा जी की मूर्ति को झूले के साथ रखे जिस पर वह झूले पर झूल रहे होंगे |
  6. उसके बाद रात्रि में विधिपूर्वक मुहूर्त होने पर शास्त्रों के अनुसार गोपाल जी की पूजा अर्चना करे तथा उनकी आरती भी उतारे |
  7. श्री कृष्णा जी को माखन और मिश्री बेहद पसंद है इसीलिए आप मिश्री और माखन की मदद से उन्हें भोग लगाए |
  8. जब आप उनकी पूजा अर्चना करे तथा तो माखन और मिश्री को प्रसाद के तौर पर बांटे | और च्नद्र को पानी से अर्घ देकर खाना खा ले |

Janmashtami Quotes In Hindi

Janmashtami Quotes In Hindi

जन्माष्टमी कोट्स इन हिंदी : जन्माष्टमी का पर्व साल में एक बार आता है और यह दिन भगवान विष्णु के आंठवे अवतार श्रीकृष्ण के जन्म के लिए मनाया जाता है उनका जन्म भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथी के दिन रोहिणी नक्षत्र में हुआ था | श्री कृष्णा जी एक बेहद प्रेरणादायक के रूप में अपना जीवन स्टार्ट किया इसीलिए हम आपको जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में कुछ बेहतर कोट्स बताते है जिन्हे आप जान सकते है | वैसे इससे पहले कई महापुरुषों जैसे विवेकानंद जीमुंशी प्रेमचंद कोट्स और गाँधी जी के बारे में पढ़ चुके है जिनके कोट्स द्वारा हमने बहुत कुछ सीखा तो अब आप कृष्ण जी द्वारा कहे गए कुछ ऐसे सुविचार जिनसे आप बहुत कुछ जान सकते है तो जानिए कुछ प्रेरणादायक और मोटिवेशनल सिद्ध होते है |


Radha Krishna Love Quotes

राधा कृष्णा लव कोट्स : राधा कृष्णा जी के ऊपर और उनके प्यार को दर्शाने वाले राधा कृष्ण के प्यार को यह कोट्स दर्शाते है आप इन्हे पढ़ सकते है :
गोकुल में जिसने किया निवास, उसने गोपियों के संग रचा, इतिहास! देवकी-यशोदा जिनकी मैया, ऐसे ही हमारे कृषण कन्हैया! शुभ जन्मआष्ट्मी!
आओ मिलकर सजाये नन्दलाल को, आओ मिलकर करें उनका गुणगान! जो सबको राह दिखाते हैं, और सबकी बिगड़ी बनाते हैं
जय श्री कृष्णा! मंगल, मूहं आपकी कृपा अपरम्पार, ऐसे श्री कृष्णा जी को, हम सबका नमस्कार!
आपको मिले खुशियों के सारे रंग, जीवन में भर जाये उमंग और तरंग, ले चलो, हमें भी अपने संग, हम नटखट है, लेकिन नहीं डालेंगे, आपके रंग में भंग! जय श्री कृष्णा!
आपको मिले खुशियों के सारे रंग, जीवन में भर जाये उमंग और तरंग, ले चलो, हमें भी अपने संग, हम नटखट है, लेकिन नहीं डालेंगे, आपके रंग में भंग!
राधा: आपने प्रेम मुझसे किया, पर शादी रुखमनी से क्यों की? कृष्ण: शादी में दो लोग चाहिए और हम तो एक हैं!
कृष्णा जिसका नाम है ,गोकुल जिसका धाम है ,ऐसे भगवन को हम सब का परनाम है
होता है प्यार क्या दुनिया को जिसने बताया, दिल के रिश्तों को जिसने प्रेम से सजाया, आज उस प्यार के देवता का जन्मदिन है
जन्माष्टमी की बहुत बहुत बधाई. कान्हा आपके घर प्रेम के साथ साथ खुशियों की सौगात लाएं। आप फलें फूलें और खूब तरक्की करें
कृषण की महिमा, कृषण का प्यार कृषण में श्रधा, कृषण से ही संसार मुबारक हो आप सबको जन्मआष्ट्मी का त्योहार!
Radha Krishna Love Quotes

Krishna Quotes On Truth

कृष्णा कोट्स ऑन ट्रुथ : भगवान कृष्णा जी सच्चाई का प्रतिक थे इसीलिए कुछ कोट्स उनके जन्मदिवस के मौके पर आप पढ़ सकते है जो की आपको सच्चाई का रास्ता दर्शाता है :
क्रिशन जी ने गोपिओं के साथ बहुत चक्कर चलाये और सफल भी रहे! लेकिन आपकी असफलता निरंतर चल रही है! भगवन श्री क्रिशन जी की कृपा आप पर भी हो और इस जन्माष्टमी को आप का भी चक्कर चल जाये!
कृषण की महिमा, कृषण का प्यार, कृषण में श्रधा, कृषण से ही संसार, मुबारक हो आप सबको जन्मआष्ट्मी का त्योहार!
आपको मिले खुशियों के सारे रंग जीवन में भर जाये उमंग और तरंग ले चलो, हमें भी अपने संग हम नटखट है, लेकिन नहीं डालेंगे, आपके रंग में भंग! जय श्री कृष्णा
देखो फिर जन्माष्टमी आई है, माखन की हांडी ने फिर मिठास बढ़ाई है, कान्हा की लीला है सबसे प्यारी दे आपको वो दुनिया की खुशियां सारी।
माखन चुराकर जिसने खाया बंसी बजाकर जिसने नचाया ख़ुशी मनाओ उसके जन्म की जिसने दुनिया को प्रेम सिखाया
वो मोर मुकुट, वो है नंद लाला, वो मुरली मनोहर, बृज का ग्वाला, वो माखन चोर, वो बंसी वाला, खुशियां मनायें उसके जन्म की, जो है इस जग का रखवाला
चन्दन की खुशबु को रेशम का हार; सावन की सुगंध और बारिश की फुहार;राधा की उम्मीद को कन्हैया का प्यार;मुबारक हो आपको जन्मआष्ट्मी का त्योंहार!
जन्माष्टमी का त्योहार एक राधा और एक मीरा दोनों ने श्याम को चाहा अब श्याम पर है, सारा भार किसकी प्रीत करे स्वीकार
माखन चोर नन्द किशोर,बांधी जिसने प्रीत की डोर. हरे कृष्ण हरे मुरारी,पुजती जिन्हें दुनिया सारी, आओ उनके गुण गाएं सब मिल के जन्माष्टमी मनाये
कृष्ण के क़दमों पे कदम बढ़ाते चलो अब मुरली नहीं तो सीटी बजाते चलो राधा तो घर वाले दिलायेंगे ही मगर तब तक गोपियाँ पटाते चलो

Radhe Krishna Status In Hindi

राधे कृष्णा स्टेटस इन हिंदी : नीचे दिए गए कुछ स्टेटस राधे कृष्ण के प्यार और उनके साथ बीते हुए जीवन के बारे में बताते है आप इन्हे पढ़ कर अपने दोस्तों से शेयर भी कर सकते है :
मुरली मनोहर, बृज के धरोहर वो नंद लाल गोपाला हैं, बंसी की धुन पे सब जग के दुःख हरने वाले नंद लाल गोपाला हैं, आया है शुभ दिन देखो जन्माष्टमी का फैला चारों ओर उजाला है, सब के मन में बसने वाले उस बंसी वाले का देखो अंदाज़ ही निराला है
सोचा किसी अपने से बात करें अपने किसी ख़ास को याद करें किया जो फैसला जन्माष्टमी की शुभकामना देने का दिल ने कहा क्यों न आपसे शुरुआत करें
माखन चुराकर जिसने खाया, बंसी बजाकर जिसने नचाया, ख़ुशी मनाओ उसके जन्म की, जिसने दुनिया को प्रेम सिखाया
माखन चुरा कर जिसने खाया,बंसी बजाकर जिसने नचाया, ख़ुशी मनाओ उसके जन्म की. जिसने दुनिया को प्रेम करना सिखाया, जन्माष्टमी की शुभकामनाये!
मुरली मनोहर कृष्ण कन्हैया यमुना तट पर विराजे है, मोर मुकुट पर, कानों में कुंडल कर में मुरलिया साजे है
माखन का कटोरा मिश्री का थाल, मिटटी की खुशबु बारिश की फुहार, राधा की उम्मीदें कन्हैया का प्यार, मुबारक हो जन्माष्टमी का त्यौहार
गोकुल में जो करे निवास, गोपियों संग जो रचाये रास, देवकी यशोदा जिनकी मईया, ऐसे हमारे कृष्ण कनहैया। कृष्णा जन्माष्टमी की शुभ कामनायें
राधे कृष्ण इसे धीरे-धीरे बोलें रा. . .ह. . .दे. . . कृष्ण जिसका मतलब है, हे ईश्वर! मुझे वो दिशा दिखा जिससे मैं सही राह पर चल सकूं।
पलकें झुकें, और नमन हो जाए! मस्तक झुके, और वंदन हो जाए! ऐसी नज़र, कंहाँ से लाऊँ, मेरे कन्हैया! कि आप को याद करूँ, और आपके, दर्शन हो जाए!
नंद के घर आनंद ही आनंद भयो जो नंद के घर गोपाल आयो, जय हो मुरलीधर गोपाल की जय हो कन्हैया लाल की। कृष्ण जन्माष्टमी की शुभ कामनायें
माखन चोर नन्द किशोर, बांधी जिसने प्रीत की डोर,हरे कृष्ण हरे मुरारी,पुजती जिन्हें दुनिया सारी, आओ उनके गुण गाएं सब मिल के जन्माष्टमी मनाये
माखन चुरा कर जिसने खाया,बंसी बजाकर जिसने नचाया,ख़ुशी मनाओ उसके जन्म की. जिसने दुनिया को प्रेम करना सिखाया
चन्दन की खुशबु को रेशम का हार, सावन की सुगंध और बारिश की फुहार, राधा की उम्मीद को कन्हैया का प्यार, मुबारक हो आपको जन्मआष्ट्मी का त्योंहार
बाल रूप है सब को भाता माखन चोर वो कहलाया है, आला आला गोविंदा आला बाल ग्वालों ने शोर मचाया है, झूम उठे हैं सब ख़ुशी में, देखो मुरली वाला आया है